Tuesday, August 4, 2020
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कानपुर: शहीद पुलिस अफसर के नाम का पत्र वायरल, विकास दुबे-पुलिसवाले की सांठगांठ का खुलासा

Vikas Dubey latest News
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Images Credits: Social Media

Kanpur/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गाँव की घटना के बाद अब UP पुलिस विकास दुबे को खोजने की कोशिश कर रही है। आठ पुलिसवालों के साथ घटना को अंजाम देने के बाद से ही विकास दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है और अब पुलिस ने उसकी पड़ताल भी तेज़ कर दी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने उसके घर को भी JCB से घराशाही कर दिया है, इसके अलावा उसकी गाड़ी को JCB की मदत से पापड़ बना दिया गया।

फरार विकास दुबे से निलंबित पुलिस वाले SO विनय कुमार तिवारी के संबंध थे और उनकी मित्रता भी थी। मीडिया में औसा बताया गया है की थानेदार विनय तिवारी ने एक मुकदमे से वसूली के लिए धारा 386 विकास दुबे से हटवा दी थी। इसकी रिपोर्ट बिकरू केस में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र ने तत्कालीन एसएसपी को भेजी थी। रिपोर्ट में विनय तिवारी की ईमानदारी को संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की बात लिखी गई थी, लेकिन सभी चुप रहे और किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

एक अन्न मीडिया रिपोर्ट में बताया गया की SO बिल्हौर रहे देवेंद्र मिश्र ने 14 मार्च 2020 को चौबेपुर थाने का निरीक्षण किया था। इस दौरान पता चला कि 13 मार्च को विकास दुबे के खिलाफ अवैध वसूली के लिए की गई गलत हरकतों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। यह जांच चौबेपुर थाने के दरोगा अजहर इशरत को सौंपी गई थी। अगले ही दिन अजहर इशरत ने मुकदमे से वसूली के लिए भय दिखने की धारा 386 हटा दी। सीओ ने पूछा तो दरोगा ने बताया कि थानेदार के कहने पर हटाई गई।

फिर इसी दिन उन सीओ ने चौबेपुर थानेदार रहे विनय तिवारी के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें लिखा था कि एक दबंग के विरुद्ध थानाध्यक्ष द्वारा सहानुभूति रखना, अब तक कार्रवाई न करना, सत्य निष्ठा को संदिग्ध दर्शाता है। सीओ की रिपोर्ट के अनुसार बताया गया था की निलंबित थानेदार विनय तिवारी का विकास दुबे के घर आना जाना था। यदि थानेदार के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो कोई गंभीर घटना हो सकती है। यह रिपोर्ट पुलिस कार्यालय आई और फाइलों में दब गई। कोई कार्यवाही ना होने पर विकास दुबे को और अधिक बल मिला और फिर उसके घटना को अंजाम दिया।

हमें एक यूजर ने बताया की अगर किसी पुलिस वाले ने मुखबिरी का काम करते हुए गोपनीय जानकरी विकास दुबे को दी थी, तो उस पर सनी देओल का वह डायलॉग सही बैठता है, जिसमे वे एक भ्रष्ट पुलिस अफसर से कहते है की उतार के फेख दो ये वर्दी और पहन लो बलवंत राये का पट्टा अपने गले में।

CM योगी ने वीरगति को प्राप्त पुलिसवालों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की और कहा कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सूत्रों से खबर मिल रही है की प्रदेश सरकार ने विकास दुबे की पूरी प्रापर्टी को जप्त करने की तैयारी कर ली है। उसके सारे बैंक अकाउंट्स सीज किए जा रहे हैं।

UP प्रशासन Vikas Dubey की सारी प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है की कितनी वैध और अवैध हैं। इसके अलावा मिली जानकारी के मुताबिक जाँच टीम इस मामले में कुछ पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि ये पता चल सके कि विकास दुबे को पुलिस के आने की खबर कैसे हासिल हुई थी। जिससे वो पहले से ही चौकन्ना हो गया था।

साथ ही जाँच टीम लगभग 500 मोबाइल फोन पर नजर बनाए हुए है, ताकि विकास दुबे के बारे में जानकरी मिल सके। इसके अलावा आईजी ने विकास दुबे के बारे में जानकारी देने वाले के लिए 50 हजार का ईनाम रखा है। आपको बता दे की विकास की जानकारी देने वाली की पहचान गुप्त रखने की बात भी कही है। इसके अलावा इस मामले में अभी तक 12 लोगो से पूछताछ जारी है।

विकास दुबे के कॉल रिकॉर्ड खंगालने के बाद कानपुर एसएचओ विनय तिवारी को ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में शनिवार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अफसर विनय तिवारी पर आरोप हैं कि उसने ही विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना दी थी। विनय तिवारी को विकास दुबे का का करीबी और खास बताया जा रहा है।

आपको बता दे की ओस घटना के बाद जांच में जुटी टीम ने जब विकास दुबे की कॉल डिटेल्स जांची, तो उसमें कुछ पुलिसकर्मियों से बातचीत का मामला सामने आया, इसमें कानुपर के एसएचओ विनय तिवारी का नाम भी सामने आया। जिसके बाद उसको सस्‍पेंड कर दिया गया। जब कानपुर के बिकारू गांव में पुलिस की टीम विकास दुबे के घर पर पहुंची थी, तो इस विकास दुबे ने अपने समर्थकों के साथ आठ पुलिसकर्मियों की पर घटना को अंजाम दिया था।

आपको बता दे की सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस लेटर पर SSP Kanpur Dinesh Kumar ने कहा है की इस वायरल लेटर के बारे में उन्हें या विभाग को कोई जानकरी नहीं है और इसकी जाँच करवाई जा रही है। अभी इस लेटर के सत्य होने की पुष्टि पुलिस या प्रशासन नहीं कर पा रहा है और इसलिए हमारी एक नंबर न्यूज़ की टीम भी इस लेटर के किसी नहीं दावे की पुष्टि नहीं कर पा रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस या योगी सरकार के पुष्टि करने के बाद ही हम इसे सत्य बना पाएंगे।

अब इस केस की पड़ताल के लिए एसटीएफ गठित की गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे की जानकरी देने वाले को 2.5 लाख रुपये का इनाम निकाला है। चौबेपुर पुलिस के SO Vinay Tiwari से भी पूछताछ की जा रही है। आपको बता दे की बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के कुछ हिस्से को पुलिस ने JCB से गिरा दिया है।


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