Thursday, September 24, 2020
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प्रशांत भूषण ने रामायण बंद करवाने मांग की थी, कोर्ट ने खारिज कर दी, ऐसे फसा विरोधी, समझें

Prashant Bhushan Ramayana
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Photo Credits: Twitter

Delhi: भगवान राम के नाम से कई तरह के दानव भयभीत हो जाते है, परन्तु कांग्रेस, वामपंथी और कुछ अन्न लोग भी आजकल रामायण से परेशान है और जब से लोग रामायण सीरियल को टीवी पर उसी उत्साह से देख रहे है जैसे 1990 के ज़माने में देखा करते थे, तब से रामायण विरोधी तत्व भारी दिक्कत में आ गए है।

इसी सिलसिले में वकील प्रशांत भूषण टीवी पर रामायण सीरियल के खलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया, प्रशांत भूषण ने रामायण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और रामायण को बंद करवाने की मांग की। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण को झटका मिला है, इसकी घटिया याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर प्रशांत भूषण को ही फटकार दिया है।

प्रशांत भूषण की याचिका पर कोर्ट ने कहा है की टीवी पर कोई भी किसी भी कार्यक्रम को देखने के लिए स्वतंत्र है, चैनल अपने मन मुताबिक कार्यक्रम टेलीकास्ट करने के लिए स्वतंत्र है। इस से पहले लॉक डाउन के शुरुवात में दूरदर्शन ने रामायण को फिर से टेलीकास्ट करने का निर्णय लिया था और ये टेलीकास्ट इतना हिट रहा की अब रामायण ने वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को रामायण को 7 करोड़ 70 लाख लोग एक साथ देख रहे थे और ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

Rebroadcast of Ramayana on Doordarshan smashes viewership records worldwide, the show becomes most watched entertainment show in the world with 7.7 crore viewers on 16th of April.

अब वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ गुजरात के राजकोट में दर्ज की गई एक FIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भूषण को किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई से राहत दी है। प्रशांत भूषण के खिलाफ यह एफआईआर कथित रूप से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है।

यह एफआईआर पूर्व सैन्य अधिकारी जयदेव रजनीकांत जोशी ने दर्ज कराई थी। जोशी ने आरोप लगाया है कि प्रशांत भूषण ने पूरे देश में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत के दोबारा प्रसारण के खिलाफ ट्वीट कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

जोशी ने अपनी इस शिकायत में प्रशांत भूषण पर आरोप लगाा कि उन्होंने 28 मार्च को एक ट्वीट में रामायण और महाभारत के लिए अफीम शब्द का इस्तेमाल करके हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। कोर्ट ने प्रशांत भूषण को किसी प्रकार की कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा, ‘कोई भी व्यक्ति टीवी पर कुछ भी देख सकता है।’ इसके साथ ही पीठ ने सवाल किया कि कोई किसी कार्यक्रम विशेष को नहीं देखने के लिए लोगों से कैसे कह सकता है।

आपको बता दे की दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे रामायण सीरियल ने इतिहास रच दिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 करोड़ लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए Ramayan दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाले मनोजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

जानकारी हो की कोरोना वायरस महामारी से कारण लॉकडाउन लगने के बाद मांग उठी थी कि रामायण और महाभारत का पुनः प्रसारण किया जाए। इसके बाद से करोड़ों लोग रामायण सीरियल देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सीरियल और इससे जुड़े पात्रों की लगातार चर्चा है।


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