Tuesday, October 27, 2020
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इस छोटे से शहर के चाय वाले की बेटी बनी फाइटर पायलट, अब इंडियन एयरफोर्स में भरेगी उड़ान

Anchal Gangwal IAF Success Story
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Image Credits: Twitter Video Crap

Bhopal/Madhya Pradesh: भारत में कई बेटियों ने सफलता के झंडे गाड़ें है और देश का नाम रौशन किया है, फिर बात चाहे खेल जगत से हो या विज्ञान के क्षेत्र से। सभी क्षेत्रों में भारतीय बेटियों और महिलाओं ने खुद को साबित किया है। भारत के बीचो-बीच मध्य प्रदेश की एक बेटी ने कमाल कर दिखाया है। मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित छोटे से शहर नीमच के एक चाय का टपरा चलाने वाले की बेटी आँचल गंगवाल (Anchal Gangwal) ने एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट को पास किया है।

अब ये बेटी फाइटर पायलेट बनेंगी। आँचल मध्यप्रदेश की एक मात्र ऐसी बेटी है, जिसका चयन एयरफोर्स में इस बार हुआ है। आपको बता दे की देश भर में केवल 22 पोस्ट के लिए यह परीक्षा 6 लाख अभ्यार्थियों ने दी थी, इसमें आँचल का चयन हुआ.हो गया है। उसकी इस सफलता को लेकर उसके घरवालों समेत नीमच के लोगो में भी ख़ुशी और उत्साह देखा जा रहा है। इस खबर के आने के बाद अंचल के घर बधाई देने वालों का का सिलसिला चालु हो गया।

आंचल गंगवाल (Aanchal Gangwal) आंचल के पिता सुरेश गंगवाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) में चाय की एक छोटी सी दुकान (Small Tea Shop) लगाते हैं। आंचल के पिता को अपनी बेटी पर बहुत गर्व है, अब उनकी बेटी इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) में फ्लाइंग ऑफिसर बन गई है। आंचल की एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के सामने एयरफोर्स (AIF) में कमिशनिंग हो गई और आंचल समेत 123 कैडर को इंडियन एयरफोर्स में कमिशंड किया गया।

आंचल ने इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने के लिए दो सरकारी नौकरी तक छोड़ दी, मतलब वे पहले भी 2 परीक्षा पास कर चुकी है। आँचल ने अपने शहर बैतूल ही नहीं अपितु पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन करते हुए फाइटर पायलेट की चयन परीक्षा पास की। आँचल शहर के बहुत ही सामान्य परिवार की लड़की है और उसके पिता सुरेश गंगवाल नीमच के बस स्टैण्ड पर एक चाय की घुमटी चलाकर (Tea Seller) अपने परिवार का गुज़ारा करते हैं। चाय बेचने वाले सुरेश ने भी कभी नहीं सोचा था की उसकी बेटी कभी इतना बड़ा मुकाम हासिल कर लेगी।

आंचल के मुताबिक़ वो देश की सेना करने का सपना देखा करती थी और सेना में भी जाना चाहती थी। जब वो स्कूल में थीं, तभी उन्होंने फैसला कर लिया था कि वो डिफेंस में जाएंगी। आंचल ने कहा कि आज जब वे ऑफिसर बन गई है, तो सब सपने सच हो गए है। आंचल का सपना था की वे अपने माता-पिता के सामने एयर फोर्स की यूनिफॉर्म में खड़ी हो, परन्तु कोरोनावायरस महामारी के कारण आंचल के माता-पिता डंडीगल एएफए में पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके। फिर भी उनके पेरेंट्स टेलीविजनTV पर परेड सेरेमनी को देख सके है।

आंचल के पिता सुरेश गंगवाल का कहना है कि आंचल शुरू से पढ़ाई में अच्छी रही है। उसने बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि एयरफोर्स में जाने की सबसे बड़ी प्रेरणा आंचल को तब मिली जब साल 2013 में उत्तराखंड में त्रासदी आई थी। उत्तराखंड में एयरफोर्स ने जिस तरह साहस का परिचय देते हुए लोगो की मदत की थी, उससे आंचल काफी प्रभावित हुईं और इंडियन एयरफोर्स में जाने का मन बना लिया।

आज देश की सेवा के लिए एयरफोर्स (Indian Air Force) में सिलेक्ट आँचल ने इस सफलता को प्राप्त करने को लेकर काफी मेहनत भी है। उन्होंने कम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी करते हुए पहले एसआई परीक्षा पास की और चयनित हुई और फिर लेबर इन्स्पेक्टर की नौकरी ज्वाइन कर ली। अंचल ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट की तैयारी की और सफलता हासिल की।


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