Home > Dharma > भगवन शिव के 5 ऐसे रहस्यमयी मंदिर जहाँ आपके एक बार जरूर जाना चाहिए: Ek Number News

भगवन शिव के 5 ऐसे रहस्यमयी मंदिर जहाँ आपके एक बार जरूर जाना चाहिए: Ek Number News

TopShivaTemples EkNumberNews

भारत पूरी दुनिया का सबसे विचित्र देश है याह्या पर ऐसे ऐसे मंदिर जाते जो किसी आस्चर्य से काम नहीं यहाँ पर बड़े बड़े खोजकर्ता भी सोच में पढ़ जाते जाते हैं। वैसे तो शिव के हजारों मंदिर है। आपने उनमे से हजारों मंदिरो के बारे में जरूर सुना होगा। हम आपको भगवान शिव के पांच ऐसे रहस्यमय मंदिरो के बारे में बता रहे है —

1. स्तेम्भेश्वर महादेव – स्तेम्भेश्वर महादेव का ये मंदिर दिन में दो बार पल भर के लिए गायब हो जाता है और कुछ देर बाद उसी जगह में वापस आ जाता है। ऐसा ज्वार भाटा उठने के कारण होता है। मंदिर के शिवलिंग के दर्शन तभी कर सकते है जब समुद्र में ज्वार काम हो। ज्वार के समय मंदिर जलमग्न हो जाता है। तब मंदिर में कोई प्रवेश भी नही कर पाता। यह क्रिया सदियों से चली आ रही है । इस मंदिर की खोज 150 साल पहले हुई थी। शिवलिंग का आकार 4 फुट ऊंचा और 2 फुट चोडा व्यास वाला है। इस मंदिर के पीछे अरब सागर का सुंदर नजारा दिखाई पड़ता है।

2. बिजली महादेव मंदिर – हिमाचल प्रदेश के कुलू में स्थित बिजली महादेव का मंदिर। कुलू का पूरा इतिहास बिजली से जुड़ा हुआ है। इस मंदिर में 12 साल में एक बार बिजली गिरती है जिससे शिवलिंग खंडित हो जाता है इस खंडित शिवलिंग के टुकड़े को पुजारी मक्खन से जोड़कर रख देता है कुछ समय मे ये ठोस हो जाता है। कहा जाता है की शिव जी नही चाहते थे कि ये बिजली उनके भक्तो के ऊपर गिरे इसलिए वे शिवलिंग पर ही बिजली गिरा देते है। जिससे उनके भक्त को कोई नुकसान न हो। इसलिए इसे बिजली महादेव मंदिर कहा जाता है। समुद्र से 2500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

3. निष्कलंक महादेव – गुजरात के भाव नगर में कुलियक तट से 3 किलोमीटर अन्दर अरब सागर में स्थित है निष्कलंक महादेव। यहॉ अरब सागर की लहरे रोज जल अभिषेक करती है। लोग पैदल चलकर ही इस मंदिर में दर्शन करने जाते है इसके लिए भक्तो को ज्वार के उतरने का इंतजार करना पड़ता है भारी ज्वार के टाइम मंदिर का खंभा ही नजर आता है। लहरो को देखकर कोई अंदाजा भी नही लगा सकता कि यहा कोई शिवलिंग का मंदिर स्थित है। पांच शिवलिंग के साथ नंदी भगवान भी विराजमान है।

4. अचलेश्वर महादेव मंदिर – राजस्थान के धोलपुर में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर। यहॉ स्थित शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है। सुबह में शिवलिंग का रंग लाल होता है दोपहर में केसरिया जैसे जैसे शाम होती है शिवलिंग का रंग साबला हो जाता है। यह मंदिर 1000 साल पुराना है इस मंदिर में पहुचने का रास्ता बहुत ही उबड़ खाबड़ है इसलिए यहाँ बहुत कम लोग ही पहुचते है इस मंदिर की खास बात यह भी है कि इस मंदिर की गहराई नही पता की जा सकी जितनी खुदाई की जाती शिवलिंग का छोर नजर आता फिर भक्तो ने इसे भगवान का चत्मकार मानकर खुदाई बंद कर दी।

5. लक्षमेस्वर महादेव मंदिर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 120 किलोमीटर दूर खरौद नगर में स्थित है लक्षमेस्वर महादेव मंदिर। इस मंदिर के गर्भ गृह में एक शिवलिंग है, जिसकी मान्यता है की इसकी स्थापना स्वम लक्ष्मण जी ने की थी इस शिवलिंग में एक लाख छिद्र है। इसलिए इसे लक्षलिंग कहा जाता है। लाख छिद्र में से एक छिद्र ऐसा है जो कि पाताल गामी है जितना भी जल उसमे डालो सब समा जाता है। एक छिद्र अक्षय कुंड है उसमें जल हमेशा ही भरा रहता है। यह जमीन से 30 फुट ऊपर है। शिवलिंग का जल पीछे कुंड में जाता है यह कुंड कभी सूखता नही है।

Ek Number
Ek Number
This is Staff Of Ek Number News Portal with editor Nitin Chourasia who is an Engineer and Journalist. For Any query mail us on eknumbernews.mail@gmail.com
http://www.eknumbernews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!