Friday, September 25, 2020
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यह मुल्क अब लोकतान्त्रिक देश बनेगा, 30 साल का इस्लामी शासन समाप्त किया, नई पहल

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File Image Credits: Twitter

Delhi: अफ्रीका महाद्वीप के माहि देश पिछड़े और गरीबी की गर्त में समाये हुए हैं और आने वाले भविष्य पर पर अन्धकार छाया हुआ है। यहाँ के अनेक देशो में चंरमपंथी गुट भी देशो को खोखला लार रहे है। ऐसे में एक नई पहल ने उम्मीद की एक किरण दिखाई है।

उत्तरी अफ्रीका में सूडान (Sudan) नामक एक देश है, जो एक इस्लामिक मुल्क के तौर पर जाना जाता था, लेकिन सूडान की सरकार ने इस्लामी शासन को समाप्त करते हुए धर्म को अलग करने की बात पर सहमति व्यक्त की है। आपको बता दें कि सूडान 30 साल पहले इस्लामिक मुल्क घोषित किया गया था। पतरु पर इसे लोकतान्त्रिक देश बनाया जा रहा है।

विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सूडान के प्रधानमंत्री अबदुल्ला हमदोक और सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ विद्रोही समूह के नेता अब्दुल-अजीज अल हिलु ने घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। गुरुवार को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में सिद्धांत को अपनाने के लिए इन दोनों ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए।

बता दे की इस घोषणा पत्र में लिखा है कि सूडान के लोकतांत्रिक देश बनने के लिए, जहां सभी नागरिकों के अधिकारी निहित हैं, यहां संविधान धर्म और राज्य के अलगाव के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। इसके अभाव में आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करना चाहिए और इसे सभी की सहमति है।

30 साल पहले सूडान के संविधान में इस्लाम को स्टेट रिलिजन घोषित कर दिया गया था और सूडान में शरिया कानून लागू हो गया था, सूडान के अधिकतर कानून इस्लाम के ही आधार पर बने थे, 30 सालों से सूडान में दहशतगर्दी का बोलबाला था। चरमपंथी संगठन पनपते रहे, जिससे जनता तंग आ गई थी, सूडान की सरकार ने जनता के दबाव में अब विशेष धर्म को संविधान से अलग कर दिया है, यानि अब सूडान इस्लामिक राष्ट्र नहीं रहेगा, और सूडान में लोकतान्त्रिक कानून चलेगा।

जानकारी को की अरबी भाषा में सूडान का अर्थ ‘काले लोगों का देश’ होता है। 1 जनवरी 1956 को आज़ाद होने के बाद अधिकतर समय सैन्य शासन और गृह युद्ध से जूझता रहा उत्तर-पूर्व अफ़्रीका का देश सूडान आज लोकतंत्र की राह पर आ गया है। लोकतंत्र की चाह लिए सूडान और उसके लोग ऐतिहासिक परिवर्तनकाल से गुज़रे हैं। एक समय अफ़्रीका के सबसे बड़े देश रहे सूडान में 2011 में विभाजन हुआ और दक्षिण सूडान नामक एक नया देश बन गया, लेकिन यह विभाजन की लकीर 19वीं सदी से कई दशक पहले खिंच चुकी थी।

सूडान के उत्तरी भाग पर कभी तुर्क साम्राज्य का शासन था। फिर 18वीं सदी में सम्पूर्ण सूडान पर मिस्र ने राज किया। इस कारण से सूडान के उत्तरी हिस्से में बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी हो गई और इन्हें ‘आधे अरबी’ भी कहा जाने लगा,जबकि दक्षिणी हिस्से में बाद में ईसाई बहुसंख्यक आबादी हो गई।

19वीं सदी के बीच में मिस्र के शासक मोहम्मद अली ने अपने लोगों को कहा कि वे मिस्र के दक्षिण (सूडान) में जाएं और वहां से सोना, हाथी दांत और ग़ुलाम लेकर आएं। सूडान के उत्तरी हिस्से के लोग दक्षिणी हिस्से से ग़ुलाम लेकर आए और तभी से उत्तर और दक्षिण सूडान में जंग शुरू हुई। 20वीं सदी में ब्रिटेन ने मिस्र के साथ मिलकर सूडान पर शासन किया और यही वह वक़्त था, जब उत्तर और दक्षिण सूडान के बीच जंग और अधिक तेज़ हो गई।


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